कवि मन चाहे कविता बेहतर हो 'आज' कल से और 'कल' आज से, नए आयाम जुड़े ,शब्दो से खेलूं, वर्णमालाओं में गोते लगाऊँ, परख कर रचु नित दिन ,मानव जीवन के गीत,जो बेहतर हो कल 'आज'से|
Subscribe to:
Comments (Atom)
-
A letter to Earth- vikram -chandrayan 2 isro परिचय खबरों का राजनितिक विश्लेषण फिर भी थोड़ा आसान है परन्तु साहित्यिक कतिपय सरल...
-
AUGUST KRANTI " आज़ादी " बहुत कीमती शब्द है साहब!ये शब्द से कहीं ज्यादा वो भावना है जो रह-रह कर अटखेलियां लेती है,इतराती ह...
-
बिहार में बाढ़ है नीतिशे कुमार है अपनी लेखनी को 'अनुलोम-विलोम 'करवाना हो तो चले आइये बिहार,'दम फूल जाएगा आपका'।Double En...